रतलाम में सनसनीखेज खुलासा: जमीन के विवाद और बदनामी के डर से प्रेमी ने पिता के साथ मिलकर की थी महिला की निर्मम हत्या, पुलिस ने सुलझाई अंधे कत्ल की गुत्थी
रतलाम में सनसनीखेज खुलासा: जमीन के विवाद और बदनामी के डर से प्रेमी ने पिता के साथ मिलकर की थी महिला की निर्मम हत्या, पुलिस ने सुलझाई अंधे कत्ल की गुत्थी #Ratlam
जिले के शिवगढ़ थाना क्षेत्र के अंतर्गत हुए एक अंधे कत्ल की गुत्थी को रतलाम पुलिस ने महज कुछ ही दिनों में सुलझा लिया है। पुलिस ने मामले का खुलासा करते हुए मृतिका के प्रेमी और उसके पिता को गिरफ्तार कर लिया है। यह हत्या किसी और ने नहीं बल्कि जमीन के विवाद और समाज में बदनामी के डर से उसके अपने ही प्रेमी ने अपने पिता के साथ मिलकर बेहद शातिर तरीके से अंजाम दी थी।
दिनांक 11.09.2026 को फरियादी अन्नुसिंह (पिता कमजी डामोर, उम्र 42 वर्ष, निवासी ग्राम नयाखेड़ा) ने थाने पर रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि वह प्रतिदिन की तरह सुबह करीब 6 बजे अपने खेत पर जा रहा था। रास्ते में उसने देखा कि रोजाना घर के बरामदे में खाट पर सोने वाली देवीबाई (पति स्वर्गीय रायसिंह डामोर) आज जमीन पर पड़ी हुई है। पास जाकर देखने पर पता चला कि देवीबाई अपनी खाट के पास खून से लथपथ मृत अवस्था में पड़ी हैं। उनके सीधे कान के पास और सिर पर किसी धारदार हथियार से गंभीर चोट पहुंचाई गई थी। इस अज्ञात सनसनीखेज वारदात की सूचना फरियादी ने मृतिका के देवर भूरलाल डामोर को दी। फरियादी की रिपोर्ट पर थाना शिवगढ़ में अपराध क्रमांक 285/2026, धारा 103(1) बी.एन.एस. के तहत मामला दर्ज कर विवेचना में लिया गया था।
पुलिस अधिकारियों का कुशल निर्देशन
अंधे कत्ल की इस गंभीर वारदात को गंभीरता से लेते हुए पुलिस अधीक्षक रतलाम श्री अमित कुमार के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रतलाम श्री राकेश कुमार पांद्रे एवं श्री विवेक कुमार लाल के मार्गदर्शन, तथा एसडीओपी रतलाम ग्रामीण श्री किशोर पाटनवाला व डीएसपी आजाक श्री अजय सारवान के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया था।
मनोवैज्ञानिक पूछताछ में खुला सच
गठित टीम ने अज्ञात आरोपियों और मालमुल्जिम की पतारसी के लिए लगातार प्रयास किए। इसी दौरान विश्वसनीय मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर संदेही बसंतीलाल उर्फ गुड्डा (पिता बद्दा डामर, उम्र 32 वर्ष) और बद्दा डामर (पिता दल्ला डामर, उम्र 60 वर्ष, दोनों निवासी ग्राम नयाखेड़ा) को हिरासत में लिया गया। पुलिस द्वारा मनोवैज्ञानिक तरीके से पूछताछ करने पर दोनों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त मश्रुका (सामग्री) भी बरामद कर ली है।
हत्या की खौफनाक वजह
पुलिस पूछताछ में सामने आए तथ्यों के अनुसार, आरोपी बसंतीलाल उर्फ गुड्डा डामर और मृतिका देवीबाई डामोर के मध्य वर्ष 2017 से संबंध थे। जब इस बात की जानकारी परिवारजनों को लगी, तो मामला सामाजिक स्तर पर भी सामने आया।
पंचायत और समाज के स्तर पर मृतिका के रहने, भरण-पोषण तथा संपत्ति में हिस्सा देने को लेकर आपसी सहमति की बातें तय हुई थीं।
आरोपी के पिता बद्दा डामर ने मृतिका को अपने पुत्र के साथ रखने, परिवार की जमीन में से आधा हिस्सा देने और बच्चों के रहने व भरण-पोषण के लिए मकान बनवाने की बात कही थी।
बाद में मकान तो बना दिया गया, लेकिन आरोपियों ने जमीन का आधा हिस्सा देने से साफ इनकार कर दिया।
इसी बात को लेकर मृतिका और आरोपियों के बीच लगातार विवाद और कहासुनी होती रहती थी।
आरोपी इस रोज-रोज के विवाद से परेशान हो चुके थे। समाज और गांव में बदनामी से बचने तथा मृतिका को जमीन का हिस्सा न देना पड़े, इसी सोच के चलते उन्होंने इस खौफनाक हत्या की योजना बनाई। योजना के तहत 11.09.2026 को तड़के करीब 03:00 बजे दोनों आरोपी मृतिका के घर पहुंचे और धारदार हथियार से ताबड़तोड़ वार कर उसकी हत्या कर दी।
बरामद मश्रुका (सामग्री):
एक धारदार कुल्हाड़ी।
दोनों आरोपियों द्वारा घटना के दौरान पहने गए खून से सने कपड़े।
दोनों आरोपियों के मोबाइल फोन।
गिरफ्तार आरोपीगण:
बसंतीलाल उर्फ गुड्डा पिता बद्दा डामर, जाति भील, उम्र 32 वर्ष, निवासी ग्राम नयाखेड़ा, थाना शिवगढ़, जिला रतलाम (म.प्र.)।
बद्दा डामर पिता दल्ला डामर, जाति भील, उम्र 60 वर्ष, निवासी ग्राम नयाखेड़ा, थाना शिवगढ़, जिला रतलाम (म.प्र.)।
सराहनीय भूमिका:
इस अंधे कत्ल की गुत्थी सुलझाने और आरोपियों की त्वरित गिरफ्तारी में थाना प्रभारी उ.पु.अ. श्री सुरेन्द्रसिंह गडरिया, थाना प्रभारी शिवगढ़ निरीक्षक रणजीतसिंह मकवाना, निरीक्षक अर्जुन सेमलिया, निरीक्षक कन्हैया अवस्या, उनि. प्रतापसिंह भदोरिया, उनि. अजमेरसिंह भुरिया, उनि. ईशाक मोहम्मद खान, प्र.आर. विक्रमसिंह घोसरे, दिलीप शर्मा, जितेन्द्रपालसिंह राठौर, हेमंत कुमार लिम्बोदिया, रघुवीरसिंह शक्तावत, विजय मंडलोई, मेहताबसिंह यादव, अमित त्यागी, महिला प्र.आर. सरोज परिहार, आरक्षक मनीष खराड़ी, रावजी गणावा, जितेन्द्र प्रसाद, रमेश सोलंकी, नरवर मईड़ा, महिला आरक्षक रेणु डावर, सावित्री मकवाने तथा सायबर टीम के उपनिरीक्षक जीवन बारिया, प्र.आर. मनमोहन शर्मा, आर. विपुल भावसार, तुषार सिसोदिया और राहुल पाटीदार की महत्वपूर्ण भूमिका रही। सराहनीय कार्य करने वाली इस पूरी पुलिस टीम को पुलिस अधीक्षक महोदय द्वारा पुरुष्कृत करने की घोषणा की गई है।

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